08/07/2026
भगवान श्री गणेशको आशिर्वादले तपाईंको दिन शुभ रहोस्। ❤️🙏
Pic: Raj Rauniyar
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08/07/2026
भगवान श्री गणेशको आशिर्वादले तपाईंको दिन शुभ रहोस्। ❤️🙏
Pic: Raj Rauniyar
08/01/2026
रवि लामिछाने
सभापति , राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी
संचारकर्ममा पाएको ख्यातिबाट राजनीतिमा होमिएको ६ महिनामै पार्टीलाई चौंथो ठूलो दल बनाउने श्रेयदेखि प्रहरी हिरासतसम्म
राजनीतिमा प्रवेश गरेको छोटो समयमै २ पटक उपप्रधानमन्त्री सहित गृहमन्त्री
२ पटक सरकारमा सहभागी भएपनि आशातित काम गर्न नसकेको आरोप
दोहोरो राहदानी र नागरिकता हुँदै सहकारी प्रकरणमा ठगीदेखि संगठित अपराध र सम्पत्ति शुद्धीकरणसम्मको आरोप
आधा दर्जन बढी अदालतमा सहकारी ठगी प्रकरणको मुद्दा विचाराधीन रहदा राजनीति प्रतिशोध साधिएको दलील
राजनीतिमा प्रवेश गरेसँगै लामो हिरासत र थुनादेखि करोडौ धरौटी बुझाएर रिहा
छोटो समयमै उच्च राजनीति उचाइँ र जनसमर्थन ब्यापक पाएपछि पूराना राजनीतिक दल र नेताहरुको निशानामा
भ्रष्टाचारको अन्त्य र सुशासनसहित जनताको अवस्था बदल्न देशको नेतृत्व गर्ने लक्ष्य
तपाईंको नजरमा उनी कस्तो नेता हुन् ?
आशा, आशंका र आलोचना– सबै कमेन्टमा लेख्नुहोस्
Euta prem patra
06/11/2025
पाथिभरा माताकी जय।❣️🙏
श्री कृष्ण भन्नुहुन्छ सफल हुनुभन्दा अगाडि एक्लोपन,
पीडा,दु:ख,असफलता,धोका,अपमान सबै सहनु पर्छ।💗
06/11/2025
Heart Breaking Photo of the Day: Medals handed over by Footballers in ANFA during their today's pro'test. 💔
OM
06/11/2025
हरि नाम सुखदायक है, हरि बिन जीवन शून्य ।
भवसागर से पार करि, दे मोहे हरि का धून ॥
भगवान श्री हरि विष्णुको नाम नै साँचो सुख दिनेवाला छ । उनको बिना जीवन शून्य छ ।
उनको नाम-स्मरणले नै हामीलाई संसार रूपी समुद्र तराउँछ ।
श्री हरि नारायण विष्णु जीलाई कोटि कोटि प्रणाम 🙏🙏🙏
06/11/2025
आज बिहिवार : सरस्वती माताले सबैको कल्याण गर्नुहोस सुभ दिन।।🙏
Reminder: आज कार्तिक २० र भोली २१ गते ६ महिना देखि ५ वर्ष सम्मका नानीबाबुहरुलाई भिटामिन ए (Vitamin A) खुवाईदैछ... Please contact local health volunteers for Vitamin A capsule. 💊
04/11/2025
🕉 श्री हनुमान चालीसा 🕉
दोहा:
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि।
बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।
बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥
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चौपाई:
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा॥
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन॥
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे।
रामचंद्र के काज सँवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥
तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना॥
जुग सहस्त्र योजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही।
जलधि लाँघि गए अचरज नाही॥
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना॥
आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक ते काँपै॥
भूत पिशाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै॥
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई बावे।
सोइ अमित जीवन फल पावे॥
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता॥
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥
तुम्हरे भजन राम को पावे।
जनम जनम के दुख बिसरावे॥
अंत काल रघुवर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥
और मनोरथ जो कोई बावे।
सोई अमित जीवन फल पावे॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥
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दोहा:
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥