05/04/2023
जिज्ञासा विजेता और ज्योति बनी उपविजेता
संवाद सूत्र, थर्मल : एटूएस एकेडमी सोदापुर में दो दिवसीय बैडमिंटन प्रतियोगिता मंगलवार को संपन्न हो गई। इसमें अंडर- 11, 13, 15 व 17 साल आयु वर्ग के लड़के, लड़कियों व पुरुष वर्ग की प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों से करीब 400 खिलाड़ियों ने भाग लिया। बच्चों का प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए खेल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राकेश पांडे व सेवानिवृत्त जिला खेल अधिकारी प्रदीप मालीवाल भी मौजूद रहे।
05/04/2023
आर्थिक तंगी से पिता का खेल छूटा तो बेटी ने पदक जीतकर सपना पूरा किया
Khushi Gurjar
विर्क नगर के रहने वाले नितिन चौहान 400 और 800 मीटर दौड़ के स्टेट चैंपियन रहे । सपना नेशनल में स्वर्ण पदक जीतने का था, लेकिन आर्थिक तंगी की बेड़ियों ने ऐसा जकड़ा लिया कि खेल ही छोड़ना पड़ा। नितिन ने दो साल पहले छोटी बेटी 16 वर्षीय खुशी को उसी शिवाजी स्टेडियम में शाटपुट का अभ्यास शुरू कराया, जहां से उन्होंने दौड़ लगाना शुरू किया था । बेटी एक वर्ष तक पदक नहीं जीत पाई। लोग ताने देने लगे कि ये लड़की कुछ नहीं कर पाएगी। पिता बेटी की ढाल बनकर खड़े रहे और बेटी का खेल जारी रखवाया। सीनियर एथलीट रविंद्र आंतिल व एथलेटिक्स कोच महीपाल गौड ने खुशी को हैमर थ्रो का अभ्यास कराया। एक साल में ही खुशी ने राज्य स्तरीय चार प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर सभी को चौका दिया। वे ऐसा कारनामा करने वाली जिले की पहली महिला हैमर थ्रोअर बन गई। फरवरी और मार्च में खुशी ने दो रजत पदक जीकर पिता के सपने का पूरा किया। उनकी इस उपलब्धि पर तंज कसने वाले लोग अब बधाई देते हैं।
31/03/2023
विश्व पटल पर निशानेबाजी का उभरता सितारा सरबजोत
अबाला के गांव धीन का रहने वाला सरबजोत सिंह शूटिंग चैंपियन विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ रहा है। एक किसान के घर का बेटा जूनियर विश्व चैंपियनशिप से लेकर विश्व चैंपियनशिप तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है। प्रदेश सरकार की ओर से कैश अवार्ड तक मिल चुका है। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच सालों में वह छह गोल्ड मेडल समेत 21 पदक अपने नाम कर चुका है। हाल ही में भोपाल में हुई आइएसएसएफ शूटिंग विश्व कप में भी दस मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता है। सरबजोत सिंह ने यू-ट्यूब देखकर शूटिंग में अपने करियर की शुरुआत की थी। उनके पिता जितेंद्र सिंह किसान हैं और उन्होंने अपने बेटे के सपने को सच करने में पूरा सहयोग दिया। सरबजोत ने प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया और जीत हासिल की।
31/03/2023
गोल्डन पंच लगाने वाली नीतू व स्वीटी को मिले 40-40 लाख
हरियाणा सरकार ने दोनों खिलाड़ियों को द्वितीय श्रेणी की नौकरियों के आफर लेटर दिए
हरियाणा की बेटियों ने खेलों में परचम लहराते हुए नई दिल्ली में आयोजित आइबीए महिला विश्व बाक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर पंच लगाया है। हरियाणा की दो मुक्केबाज नीतू घणघस व स्वीटी बूरा ने इस उपलब्धि के साथ वीरवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मनोहर लाल ने अपने संत कबीर कुटीर आवास पर एक कार्यक्रम में इन दोनों को 40-40 लाख रुपये का चेक तथा हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम के अंतर्गत ग्रुप बी (द्वितीय श्रेणी) की नौकरी का आफर लेटर प्रदान किया। दोनों खिलाड़ियों ने सीएम के साथ बातचीत में खेल अनुभवों को साझा किया और राज्य सरकार की खेल नीति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हर हरियाणावासी के लिए गर्व की बात है कि विगत कई वर्षों से हरियाणा की बेटियों ने खेलों में न केवल हरियाणा का बल्कि भारत का नाम रोशन किया है।
28/03/2023
ओलिंपिक में जगह बनाना चाहती हैं निकहत
भारतीय महिला मुक्केबाज निकहत जरीन ने दूसरी बार विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा कि वह वैश्विक प्रतियोगिता में मिले अनुभव का फायदा उठाकर इस साल के अंत में होने वाले एशियाई खेलों से 2024 ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करना चाहती हैं।Nikhat Zareen
27/03/2023
पिता के त्याग ने नीतू को बनाया विश्व विजेता
नीतू घणघस ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया है। नीतू के लिए मुक्केबाज बनने का सफर कष्टदायक रहा है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार की बेटी ने एक समय खेल छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन पिता ने हौंसले को टूटने नहीं दिया। विश्व चैंपियन बनने के सफर पर नीतू घणघस ने खास बातचीत की
27/03/2023
निकहत - लवलीना ने लगाए 'गोल्डन पंच
नई दिल्ली, जेएनएन : निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहाई ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की ओर से 'गोल्डन पंच' लगाया। निकहत इसके साथ ही दो स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई। निकहत और लवलीना ने रविवार को स्वर्ण के साथ इंदिरा गांधी खेल परिसर में आयोजित महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का शानदार समापन किया । इससे पहले शनिवार को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता नीतू घणघस और तीन बार की एशियाई पदक विजेता स्वीटी बूरा ने स्वर्ण जीता था।
07/01/2023
आप किसी से कम नहीं
डॉ डिंपल कसाना निदेशक केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (कसौली)
एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट होने के नाते यह भी संभव था कि मैं इसी सत्र में बनी रहती पर मैंने स्वयं को सीमित नहीं होने दिया। चाहे वह मैराथन हो या पावर लिफ्टिंग सब में भाग लिया और बेहतर करने की कोशिश की हालांकि यह तभी संभव हुआ जब परिवार ने साथ दिया। यह साथ भी तभी मिला जब मैंने स्वयं को तैयार किया। पिछले महीने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कसौली की डॉक्टर डिंपल कसाना ने चार स्वर्ण पदक जीतकर हर किसी को हैरान कर दिया। वह इसका श्रेय सबको देने के साथ फिटनेस के प्रति अपने जुनून को भी देती है। सबसे बड़ी बात है कि यह सब उन्होंने शादी होने के बाद शुरू किया। दिल्ली की डिंपल कसाना आज कसौली (हिमाचल प्रदेश) केंद्रीय अनुसंधान संस्थान की निदेशक हैं। उम्र 50 बार हो चुकी है। पर फिटनेस का जुनून उम्र के साथ-साथ बढ़ता ही जा रहा है। वह ऐसी कामकाजी महिलाओं के लिए आदर्श है। जो शादी और बच्चों के होने के बात आगे बढ़ने का हौसला खोने लगती हैं।
01/05/2022
SARKAR SHOOTING SPORTS ACADEMY CHAIRMAN SANDEEP SARKAR M.9467111666