योगवाणी - YOG VANI

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योग के सम्बंध में सभी जानकारी योग वाण?

04/02/2021
राम मंदिर राष्ट्र मंदिर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड की प्रस्तुति | 23/01/2021

अपने उत्तराखंड प्रान्त के तरुण स्वयंसेवक उदय प्रताप जी द्वारा श्रीराम मंदिर निर्माण अभियान हेतु यह गीत आज प्रान्त कार्यालय में प्रान्त सह प्रचार प्रमुख श्रीमान संजय जी द्वारा ON AIR किया गया।
मन्दिर निर्माण के इस पुण्य अवसर पर इस गीत को अधिक से अधिक शेयर भी करें।

राम मंदिर राष्ट्र मंदिर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड की प्रस्तुति | राम मंदिर राष्ट्र मंदिर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखंड की प्रस्तुति | सपैसल थेंक्स राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ .....

12/10/2020

उदय प्रताप सिंह सैनी की आवाज का जादू....दिल को छूने वाला।

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Uday paratap singh UDAY PRATAP SINGH is one of the leading singers of saharanpur who has made an indelible mark for himself. Saharanpur is home to some of the best talents in every field be it music, singing, acting, and so on.

Uday will be defined as
LEAD SINGER
- ACTOR

11/08/2020

हलासन क्या है
इस आसन को हलासन कहा जाता है क्योंकि इसकी अंतिम मुद्रा में शरीर भारतीय हल के समान दिखता है। अगर इस योगाभ्यास को सही तरीके से किया जाए तो सेहत के लिहाज से यह बहुत ही फायदेमंद योगाभ्यास साबित हो सकता है। यह आसन मोटापा को कम करते हुए मधुमेह, थयरॉइड आदि के लिए बहुत लाभकारी है। चूँकि इस की आकृति हल के सामान लगती है इसलिए इसको Plow Pose Yoga भी कहते हैं। हलासन करना उतना भी आसान नहीं है। जो इस आसन को न कर पाए उन्हें अर्द्धहलासन करना चाहिए।
हलासन विधि
यहां पर हलासन के आसान एवं सरल विधि के बारे में बताया गया है। इसको समझकर आप इस आसन को ही ठीक तरह ही नहीं कर सकते हैं बल्कि ज़्यदा से ज़्यदा इसका लाभ उठा सकते हैं।

पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को जांघों के निकट टिका लें।

अब आप धीरे-धीरे अपने पांवों को मोड़े बगैर पहले 30 डिग्री पर, फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं।

सांस छोड़ते हुए पैरों को पीठ उठाते हुए सिर के पीछे लेकर जाएं और पैरों की अँगुलियों को जमीन से स्पर्श करायें।

अब योग मुद्रा हलासन का रूप ले चूका है।

धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े।

जहाँ तक संभव हो सके इस आसन को धारण करें।

फिर धीरे धीरे मूल अवस्था में आएं।

यह एक चक्र हुआ।

इस तरह से आप 3 से 5 चक्र कर सकते है
हलासन के लाभ । Halasana benefits

हलासन आसनों की दुनियां में बहुत ही महत्वपूर्ण योगाभ्यास है। यहां पर इसके कुछ फायदे के बारे में जिक्र किया जा रहा है।
पेट की चर्बी कम करने में: इस आसन के नियमित अभ्यास से आप अपने पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं। और अपने वजन पर भी काबू पा सकते हैं।
बाल झड़ने के रोकने में: इस आसन के अभ्यास से खून का बहाव सिर के क्षेत्र में ज़्यदा होने लगता है और साथ ही साथ बालों को सही मात्रा में खनिज तत्व मिलने लगता है। जो बालों के सेहत के लिए अच्छा है।
चहरे की खूबसूरती के लिए: इसके रोज़ाना अभ्यास से आपके चेहरे में निखार आने लगता है।
थयरॉइड के लिए: यह थयरॉइड एवं पारा थयरॉइड ग्रंथि के लिए बहुत ही मुफीद योगाभ्यास है। यह मेटाबोलिज्म को कण्ट्रोल करता है और शरीर के वजन पर नियंत्रित रखते हुए आपको बहुत सारी परेशानियों से बचाता है।
कब्ज : यह अपच और कब्ज में लाभकारी है।
मधुमेह: यह मधुमेह के लिए बहुत लाभकारी है।
बवासीर: जो लोग बवासीर से ग्रस्त हैं उन्हें इस आसन का अभ्यास करनी चाहिच
गले की बीमारी: यह आपको गले के विकारों से बचाता है।
सिर दर्द में: जिनको सिर दर्द की शिकायत हो उन्हें इस योग का अभ्यास करनी चाहिए।
यह आसन उनको नहीं करनी चाहिए जिनको सर्वाइकल स्पॉण्डिलाइटिस हो।
रीढ़ में अकड़न होने पर इसको करने से बचें।
उच्च रक्तचाप में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
कमर में दर्द होने पर इस आसन को कतिय न करें।
चक्कर आने पर इस आसन को न करें।
गर्भवस्था एवं menopause में इस योग को करने से बचें।
ह्रदय रोग से पीड़ित व्यक्ति इसे न करें।

हलासन के सबसे अधिक लाभ तब मिलते हैं जब हलासन के फौरन बाद भुजंगासन किया किया जाए।

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