09/01/2026
#हरियाणा के #फतेहाबाद ज़िले की तहसील #रतिया के छोटे से गाँव #हसंगा में जन्मे कोच गंगाधर सिहाग, पिता श्री रामचंद्र सिहाग , एक बेहद साधारण और गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता खेतों में दिन-रात मेहनत करते थे। गाँव से बाहर खेतों के बीच बना छोटा-सा मकान, बरसात में टपकती छत और सर्दियों में ठिठुरती रातें—ये सब कठिनाइयाँ कोच गंगाधर सिहाग, ने बचपन से अपनी आँखों से देखीं। गरीबी थी, लेकिन हौसले अमीर थे।
शुरुआती पढ़ाई उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, हिसार से की। हालात मुश्किल थे, पर पढ़ाई और खेल के प्रति जुनून कभी कम नहीं हुआ। स्नातक (12th) की पढ़ाई उन्होंने हिसार से पूरी की। इसी दौरान मेजर जयपाल कसवां उनके जीवन में प्रेरणा बनकर आए। उनके मार्गदर्शन ने कोच गंगाधर सिहाग के भीतर यह विश्वास जगाया कि मेहनत से हर बाधा को पार किया जा सकता है।
आगे चलकर उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS), #पटियाला, #पंजाब में प्रवेश लिया। यहाँ उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग के साथ अपने खेल कौशल को निखारा और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी पहचान बनाई। उनकी प्रतिभा ने सीमाएँ लांघीं और उन्हें #नेपाल में आयोजित आधिकारिक खेल आयोजनों में भी प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।
इस पूरे सफर में भाइयों और परिवार का अटूट साथ उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सिहाग ने कुछ बड़ा करने का सपना देखा—और उसी सपने के लिए दिन-रात मेहनत की। आखिरकार मेहनत रंग लाई। #कोच गंगाधर सिहाग बाबा मुनि महाराज कबड्डी लीग के(CEO)पद पर कार्यरत हैं। वे न केवल अपने सपनों को जी रहे हैं, बल्कि हरियाणा के युवाओं को खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखा रहे हैं।
प्रेरक संदेश:
Coach Gangadhar sihag की कहानी यह सिखाती है कि गरीबी परिस्थितियाँ तय करती है, मंज़िल नहीं। सच्ची लगन, सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ हो—तो खेतों के बीच बने छोटे-से घर से निकलकर भी देश-विदेश में नाम रोशन किया जा सकता है।