वो जिंदगी कितनी आसान थी ..।
Kalam Ki Duniya
शब्दों से जज़्बात तक का सफर
ˢʰᵃʸᵃʳⁱ | ᴾᵒᵉᵗʳʸ | ˢᵗᵒʳⁱᵉˢ | ᴹᵒᵗⁱᵛᵃᵗⁱᵒⁿ
अजनबी ही तो था वो मैं जिसकी चाहत कर बैठी थी ..।
सोचा भी नहीं था कि जिंदगी हमें मोड पर ले आएंगी ..।
मेरी चाहतों के तूफान की वो एक लहर है ..।
एक दिन ऐसा आएगा ..।
कांच की तरह तोड़ दिया उसने मेरी अटूट विश्वास को ..।
खामोशियां भी खूबसूरत लगने लगी है..।
तु ढाल दे जिस रंग में मैं ढल जाऊंगी ..।
तेरे नाम की बिंदिया तेरे नाम कि सिंदूर लगाकर बन जाऊं ..।
चुटकी भर सिंदूर और चंद चूड़ियों की ख्वाहिश थी ..।
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