Nexzen Excellence Awards

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NEXZEN's perception is to recognize and felicitate the experts of various fields working at national and international platforms.

Our perception is to recognize and felicitate the experts of different fields, who through their efforts, whether in art & culture, literature, sports, music, etc. have given something to the society & brought glory to the nation.

14/07/2026

Today we lost Shri KC Maloo saab, we pray to God for his peace. His contribution to Rajasthani folk music is unforgettable. Nexzen family pays homage to Maloo saab.

26/09/2025
28/01/2025

Sheen Qaaf Nizam saab, Nexzen Excellence Awards holder (in the memory of Shamim Jaipuri) will be Receiving Padamshree.
Congratulation

12/11/2023

हमें अदाएँ दिवाली की ज़ोर भाती हैं

हमें अदाएँ दिवाली की ज़ोर भाती हैं ।
कि लाखों झमकें हर एक घर में जगमगाती हैं ।।
चिराग जलते हैं और लौएँ झिलमिलाती हैं ।
मकां-मकां में बहारें ही झमझमाती हैं ।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।।
और चिरागों की दुहरी बँध रही कतारें हैं।
और हरसू कुमकुमे कन्दीले रंग मारे हैं ।
हुजूम, भीड़ झमक, शोरोगुल पुकारे हैं।
अजब मज़ा है, अजब सैर है अजब बहारें हैं।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।

अटारी, छज्जे दरो बाम पर बहाली है ।
दिबाल एक नहीं लीपने से खाली है ।।
जिधर को देखो उधर रोशनी उजाली है।
गरज़ में क्या कहूँ ईंट-ईंट पर दिवाली है ।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं।

जो गुलाबरू हैं सो हैं उनके हाथ में छड़ियाँ ।
निगाहें आशि‍कों की हार हो गले पड़ियाँ
झमक-झमक की दिखावट से अँखड़ियाँ लड़ियाँ ।
इधर चिराग उधर छूटती हैं फुलझड़ियाँ

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।

क़लम कुम्हार की क्या-क्या हुनर जताती है ।
कि हर तरह के खिलौने नए दिखाती है
चूहा अटेरे है चर्खा चूही चलाती है ।
गिलहरी तो नव रुई पोइयाँ बनाती हैं ।।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।।11।।

कबूतरों को देखो तो गुट गुटाते हैं ।
टटीरी बोले है और हँस मोती खाते हैं ।।
हिरन उछले हैं, चीते लपक दिखाते हैं ।
भड़कते हाथी हैं और घोड़े हिनहिनाते हैं ।।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।।2।।

किसी के कान्धे ऊपर गुजरियों का जोड़ा है ।
किसी के हाथ में हाथी बग़ल में घोड़ा है ।।
किसी ने शेर की गर्दन को धर मरोड़ा है ।
अजब दिवाली ने यारो यह लटका जोड़ा है ।।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।।13।।

धरे हैं तोते अजब रंग के दुकान-दुकान
गोया दरख़्त से ही उड़कर हैं बैठे आन
मुसलमां कहते हैं ‘‘हक़ अल्लाह’’ बोलो मिट्ठू जान
हनूद कहते हैं पढ़ें जी श्री भगवान ।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।

कहीं तो कौड़ियों पैसों की खनख़नाहट है
कहीं हनुमान पवन वीर की मनावट है ।
कहीं कढ़ाइयों में घी की छनछनाहट है
अजब मज़े की चखावट है और खिलावट है ।।

खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं ।
बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।
नजर अकबराबादी ।

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