Holi ke rughhan .
जापान अब लोगों के कदमों से बिजली बना रहा है। वहाँ की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे स्पेशल टाइल्स लगाए गए हैं जो हर कदम को ऊर्जा में बदल देती हैं। जब कोई उन पर चलता है, तो उसके वजन और मूवमेंट से टाइल्स पर दबाव पड़ता है।
ये टाइल्स हल्का झुकती हैं और अंदर मौजूद पायज़ोइलेक्ट्रिक मटेरियल (Piezoelectric material) उस दबाव को बिजली में बदल देता है।
हर कदम से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनती है, लेकिन जब लाखों लोग एक दिन में चलते हैं, तो वही बिजली मिलकर LED लाइट्स, डिजिटल स्क्रीन और सेंसर तक को चला देती है।
टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में, हर दिन लगभग 24 लाख कदम इस सिस्टम को ऊर्जा देते हैं। 🌍
यह बिजली स्टोर भी की जा सकती है या तुरंत इस्तेमाल भी की जा सकती है, जिससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटती है और शहरों को मिलता है एक नया, सस्टेनेबल एनर्जी सोर्स।
JAGA HOGA? APT ARAHA HOGA
जापान की ये इनोवेशन दिखाती है कि भविष्य की ऊर्जा हमारे हर कदम के नीचे छिपी है।
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जापान अब लोगों के कदमों से बिजली बना रहा है। वहाँ की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे स्पेशल टाइल्स लगाए गए हैं जो हर कदम को ऊर्जा में बदल देती हैं। जब कोई उन पर चलता है, तो उसके वजन और मूवमेंट से टाइल्स पर दबाव पड़ता है।
ये टाइल्स हल्का झुकती हैं और अंदर मौजूद पायज़ोइलेक्ट्रिक मटेरियल (Piezoelectric material) उस दबाव को बिजली में बदल देता है।
हर कदम से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनती है, लेकिन जब लाखों लोग एक दिन में चलते हैं, तो वही बिजली मिलकर LED लाइट्स, डिजिटल स्क्रीन और सेंसर तक को चला देती है।
टोक्यो के शिबुया स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में, हर दिन लगभग 24 लाख कदम इस सिस्टम को ऊर्जा देते हैं। 🌍
यह बिजली स्टोर भी की जा सकती है या तुरंत इस्तेमाल भी की जा सकती है, जिससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटती है और शहरों को मिलता है एक नया, सस्टेनेबल एनर्जी सोर्स।
JAGA HOGA? APT ARAHA HOGA
जापान की ये इनोवेशन दिखाती है कि भविष्य की ऊर्जा हमारे हर कदम के नीचे छिपी है।
जापान अब लोगों के कदमों से बिजली बना रहा है। वहाँ की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे स्पेशल टाइल्स लगाए गए हैं जो हर कदम को ऊर्जा में बदल देती हैं। जब कोई उन पर चलता है, तो उसके वजन और मूवमेंट से टाइल्स पर दबाव पड़ता है।
ये टाइल्स हल्का झुकती हैं और अंदर मौजूद पायज़ोइलेक्ट्रिक मटेरियल (Piezoelectric material) उस दबाव को बिजली में बदल देता है।
हर कदम से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनती है, लेकिन जब लाखों लोग एक दिन में चलते हैं, तो वही बिजली मिलकर LED लाइट्स, डिजिटल स्क्रीन और सेंसर तक को चला देती है।
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जापान की ये इनोवेशन दिखाती है कि भविष्य की ऊर्जा हमारे हर कदम
Nya challenge reel
जापान अब लोगों के कदमों से बिजली बना रहा है। वहाँ की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे स्पेशल टाइल्स लगाए गए हैं जो हर कदम को ऊर्जा में बदल देती हैं। जब कोई उन पर चलता है, तो उसके वजन और मूवमेंट से टाइल्स पर दबाव पड़ता है।
ये टाइल्स हल्का झुकती हैं और अंदर मौजूद पायज़ोइलेक्ट्रिक मटेरियल (Piezoelectric material) उस दबाव को बिजली में बदल देता है।
हर कदम से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनती है, लेकिन जब लाखों लोग एक दिन में चलते हैं, तो वही बिजली मिलकर LED लाइट्स, डिजिटल स्क्रीन और सेंसर तक को चला देती है।
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जापान की ये इनोवेशन दिखाती है कि भविष्य की ऊर्जा हमारे हर कदम के नीचे छिपी
जापान अब लोगों के कदमों से बिजली बना रहा है। वहाँ की सड़कों और मेट्रो स्टेशनों पर ऐसे स्पेशल टाइल्स लगाए गए हैं जो हर कदम को ऊर्जा में बदल देती हैं। जब कोई उन पर चलता है, तो उसके वजन और मूवमेंट से टाइल्स पर दबाव पड़ता है।
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हर कदम से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनती है, लेकिन जब लाखों लोग एक दिन में चलते हैं, तो वही बिजली मिलकर LED लाइट्स, डिजिटल स्क्रीन और सेंसर तक को चला देती है।
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