Upendra Yadav
man ki baat
02/06/2026
विधानसभा तमकुहीराज व फाजिलनगर को मिलाकर जो 424 करोड़ का सौगात मिलने की बात कही जा रही है उसमें से किसी 4 परियोजना का नाम बताइए। जिससे आम जनता भी समझ पाए क्या-क्या मिला है हम लोगों को तो अभी तक पता नहीं चला है लेकिन अगर किसी को पता है तो उसमें से चार परियोजना का नाम बताया जाए जो इस क्षेत्र को मिला हो।
मेरे नजर में 200 मी CC, 500 मी खड़ंजा, आंगनवाड़ी केंद्र,बाउंड्री वॉल आदि कार्य मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री लेवल का नहीं होता है।
मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री जब किसी क्षेत्र को सौगात देते हैं तो कोई हाईवे, यूनिवर्सिटी, टेक्निकल कॉलेज, हॉस्पिटल, फैक्ट्री आदि जब देते हैं तब लगता है कि कुछ मिला है।
विधानसभा तमकुहीराज को झुनझुना थमा दिया तथा फाजिलनगर का नाम बदल कर पावागढ़ करने का ऐलान किया गया।
sadak 2 ko flop hone aap log yogdan krne
27/04/2020
अख़बार बेचने वाला 10 वर्षीय बालक एक मकान का गेट बजा रहा है।
मालकिन - बाहर आकर पूछी क्या है ?
बालक - आंटी जी क्या मैं आपका गार्डेन साफ कर दूं ?
मालकिन - नहीं, हमें नहीं करवाना है, और आज अखबार नही लाया ।
बालक - हाथ जोड़ते हुए दयनीय स्वर में.. "प्लीज आंटी जी करा लीजिये न, अच्छे से साफ करूंगा,आज अखबार नही छपा,कल छुट्टी थी दशहरे की ।"
मालकिन - द्रवित होते हुए "अच्छा ठीक है, कितने पैसा लेगा ?"
बालक - पैसा नहीं आंटी जी, खाना दे देना।"
मालकिन- ओह !! आ जाओ अच्छे से काम करना ।
(लगता है बेचारा भूखा है पहले खाना दे देती हूँ..मालकिन बुदबुदायी।)
मालकिन- ऐ लड़के..पहले खाना खा ले, फिर काम करना ।
बालक -नहीं आंटी जी, पहले काम कर लूँ फिर आप खाना दे देना।
मालकिन - ठीक है, कहकर अपने काम में लग गयी।
बालक - एक घंटे बाद "आंटी जी देख लीजिए, सफाई अच्छे से हुई कि नहीं।
मालकिन -अरे वाह! तूने तो बहुत बढ़िया सफाई की है, गमले भी करीने से जमा दिए। यहां बैठ, मैं खाना लाती हूँ।
जैसे ही मालकिन ने उसे खाना दिया, बालक जेब से पन्नी निकाल कर उसमें खाना रखने लगा।
मालकिन - भूखे काम किया है, अब खाना तो यहीं बैठकर खा ले। जरूरत होगी तो और दे दूंगी।
बालक - नहीं आंटी, मेरी बीमार माँ घर पर है,सरकारी अस्पताल से दवा तो मिल गयी है,पर डाॅ साहब ने कहा है दवा खाली पेट नहीं खाना है।
मालकिन की पलके गीली हो गई..और अपने हाथों से मासूम को उसकी दूसरी माँ बनकर खाना खिलाया फिर उसकी माँ के लिए रोटियां बनाई और साथ उसके घर जाकर उसकी माँ को रोटियां दे आयी । और आते आते कह कर आयी "बहन आप बहुत अमीर हो जो दौलत आपने अपने बेटे को दी है वो हम अपने बच्चों को नहीं दे पाते हैं" ।
माँ बेटे की तरफ डबडबाई आंखों से देखे जा रही थी...बेटा बीमार मां से लिपट गया...
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